Class 11 Sociology Notes Chapter 6 समाजीकरण

  • जब एक बच्चा पैदा होता है उसे कुछ भी नहीं पता होता। धीरे-धीरे वह बड़ा होता है तथा वह समाज में रहने के तौर-तरीके सीखता है। समाज में रहने के तौर-तरीके सीखने की प्रक्रिया को ही समाजीकरण कहा जाता है।
  • समाजीकरण की प्रक्रिया बच्चे के जन्म के बाद से ही शुरू हो जाती है तथा तमाम आयु चलती रहती है। व्यक्ति खत्म हो जाता है परन्तु यह प्रक्रिया कभी भी खत्म नहीं होती। अगर समाजीकरण की प्रक्रिया नहीं होगी तो मनुष्य जानवरों की तरह व्यवहार करेंगे तथा समाज नाम की कोई चीज़ नहीं होगी।
  • समाजीकरण की प्रक्रिया तमाम आयु चलने वाली प्रक्रिया है। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता जाता है, स्वतन्त्र होता जाता है तथा समाजीकरण की प्रक्रिया आवश्यक हो जाती है। इस आयु में आकर उसे नियन्त्रण में रखना पड़ता है ताकि वह गलत रास्ते पर न जाए। यहाँ पर आकर समाजीकरण की प्रक्रिया का वास्तविक लाभ नज़र आता है।
  • समाजीकरण की प्रक्रिया के पाँच स्तर होते हैं-बाल्यावस्था (Infant stage), बचपन अवस्था (Childhood stage), किशोरावस्था (Adolescent stage), युवावस्था (Adulthood stage) तथा वृद्धावस्था (Old age)।
  • बाल्यावस्था पैदा होने से शुरू होकर दो वर्ष तक चलती है। बचपन अवस्था 13-14 वर्ष की आयु तक चलती रहती है। किशोरावस्था 17-18 वर्ष तक चलती रहती है। युवावस्था 45-50 वर्ष तक चलती है तथा उसके बाद वृद्धावस्था शुरू होती है।
  • समाजीकरण की प्रक्रिया को पूर्ण करने के कई साधन होते हैं। इस साधनों को हम दो भागों में विभाजित करते हैं-औपचारिक तथा अनौपचारिक। समाजीकरण के अनौपचारिक साधनों में हम परिवार, खेल समूह, धर्म इत्यादि को ले सकते हैं तथा औपचारिक साधनों में कानूनी व्यवस्था, राजनीतिक व्यवस्था इत्यादि आते हैं।
  • समाजीकरण (Socialisation)—वह लगातार चलने वाली प्रक्रिया. जिसमें व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत पहचान प्राप्त करता है तथा समाज में रहने के तौर-तरीके, कीमतें इत्यादि सीखता है।
  • स्वै (Self)-व्यक्ति की विशेष पहचान।
  • क्रीड़ा समूह (Play group)-व्यक्तियों का समूह, जिसमें सभी लोग साधारणतया समान आयु के होते हैं जिनके साथ व्यक्ति बैठना पसंद करता है तथा जो व्यक्ति के व्यवहार व विचार को प्रभावित कर सकते हैं।
  • समाजीकरण के औपचारिक साधन (Formal means of socialisation) समाजीकरण के वह साधन जिन्हें संस्थागत साधन भी कहा जाता है तथा जिनके पीछे विशेष शक्ति होती है। जैसे कि स्कूल, कानून, राजनीतिक व्यवस्था इत्यादि।
  • समाजीकरण के अनौपचारिक साधन (Informal means of socialisation)—इन्हें सामाजिक समूह साधन भी कहा जाता है जिसमें अन्य व्यक्ति तथा सामाजिक संस्थाएं व्यक्ति का समाजीकरण अनौपचारिक ढंग से करती हैं।

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