Class 7 Social Notes Chapter 16 राज्य सरकार

हमारी कक्षा की व्यवस्था अच्छी तरह बनी रहे इसके लिए हम मॉनिटर का चुनाव करते हैं। इसके उपरांत कक्षा सफाई समिति, कक्षा सुशोभन समिति, कक्षा व्यवस्था समिति आदि की रचना करते हैं। आप भी कक्षा-सजावट और व्यवस्था के लिए अवश्य कर्तव्य पालन करते होंगे। आपके मन में प्रश्न उत्पन्न होता होगा कि हमारे राज्य का समग्र प्रशासन, व्यवस्था और कारोबार कौन करता होगा?

राज्य का प्रशासन चलाने का कार्य राज्य सरकार करती है। राज्य के मूलभूत उद्देश्यों में एक उद्देश्य कानून और व्यवस्था बनाए रखना, लोगों को सुख-सुविधा और सुरक्षा प्रदान करना है। राज्य के लोगों का चहुमुखी कल्याण करते हुए उनकी स्वतंत्रता और मूलभूत अधिकारों की देखभाल और रक्षा करने का उद्देश्य है। जिसके लिए सरकार के तीन अंग : विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका सतत कार्यरत रहती है। राज्य का विधान मण्डल, विधान सभा के रूप में पहचाना जाता है। इसका कार्य राज्य के प्रभावशाली और कार्यक्षम शासन के लिए कानून बनाना है। जबकि राज्य की कार्यपालिका विधानसभा द्वारा निर्मित कानूनों को लागू करवाती है और इन कानूनों का भंग करने पर सजा देने का कार्य न्यायपालिका करती है।

स्थानीय सरकार

सरकार भी एक ‘संचालक मण्डल’ है। जो सामान्यरूप से लोकतंत्र में जनता की इच्छा अनुसार शासन चलाती है। भारत बहुत ही बड़ा देश है। एक ही स्तर या स्थान पर प्रशासन किया जाए तो अनेक मुश्किलें सर्जित होती हैं और नागरिकों को असुविधा होती है। इसलिए हमारे यहाँ सरकार अलग-अलग स्तर पर कार्य करती है : स्थानीय स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर। स्थानीय स्तर पर लोग मतदान करके अपने प्रतिनिधि चुनते हैं, और उनके द्वारा ही प्रशासन चले, उसे स्थानीय स्वराज्य कहते हैं। ग्रामपंचायत, तहसील पंचायत और जिला पंचायत ये ग्रामीण स्थानीय स्वराज्य की सरकारें हैं। नगरपालिका और महानगरपालिका ये शहरी स्थानीय स्वराज्य की सरकारें हैं। हम राज्य सरकार के विषय में अध्ययन करेंगे।

राज्य सरकार की रचना और भूमिका

भारत विशाल जनसंख्यावाला देश है। भारत में 28 राज्य और 8 केन्द्रशासित प्रदेश हैं। दिल्ली विशेष राज्य है। देश में समवायी अर्थात् राष्ट्र और राज्य दो स्तर की सरकार हैं। राष्ट्रीय स्तर की सरकार को ‘केन्द्र सरकार’ या ‘संघ सरकार’ कहते हैं। जो समग्र भारत में शासन करती है। राज्य स्तर पर राज्य का प्रशासन चलानेवाली सरकार को राज्य सरकार कहते हैं।

Class 7 Social Notes Chapter 16 राज्य सरकार 1
Class 7 Social Notes Chapter 16 राज्य सरकार 2

विधानपरिषद

राज्य सरकार के मुख्य अंग : विधानमण्डल, कार्यपालिका, न्यायपालिका है। राज्य के विधानमण्डल के ऊपरी सदन को विधानपरिषद कहते हैं। भारत के प्रत्येक राज्य में विधानसभा है। बिहार, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, कर्णाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश राज्यों में ही विधानपरिषद है। गुजरात के विधानमण्डल में विधानपरिषद नहीं है।

विधानपरिषद के सदस्यों को स्थानीय स्वराज्य की संस्थाएँ, दर्ज स्नातक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों का मतदाता मण्डल चुनता है। विधानपरिषद का सदस्य बनने के लिए उम्मीदवार 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र का भारतीय नागरिक होना चाहिए। विधानपरिषद एक स्थायी सदन है। विधानपरिषद का प्रत्येक सदस्य 6 वर्ष के लिए चुना जाता है। विधानपरिषद के एक तिहाई सदस्य प्रति दो वर्ष में निवृत्त होते हैं। विधानपरिषद रखना है या नहीं यह राज्य ही निश्चित करता है।

विधानसभा

विधानमण्डल के निचले सदन को विधानसभा कहते हैं। संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार विधानसभा के सदस्यों की संख्या 60 से कम और 500 से अधिक नहीं हो सकती।

विधानसभा सदस्य की योग्यताएँ

• वह व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए।
उसकी उम्र 25 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। ।
वह सरकारी संस्था में सवैतनिक पद पर नहीं होना चाहिए।
• वह व्यक्ति दिवालिया, पागल या सजा प्राप्त अपराधी नहीं होना चाहिए।

भारत के प्रत्येक राज्य में विधानसभा है। राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों को मतक्षेत्रों में बाँटा जाता है। प्रत्येक मतक्षेत्र में से एक-एक व्यक्ति चुना जाता है। गुजरात राज्य की विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं। प्रत्येक राज्य की विधानसभा में विधायकों की संख्या अलग-अलग होती है। जिनकी संख्या जनसंख्या के आधार पर निश्चित की जाती है। अधिकांश विधानसभा सदस्य अलग-अलग राजनीतिक दलों के होते हैं। तथा किसी भी दल के न हों, ऐसे निर्दलीय विधायक भी होते हैं। गुजरात का विधानसभा भवन गाँधीनगर में स्थित है। जिसका नाम विठ्ठलभाई पटेल विधानसभा भवन है।

निर्वाचन : राज्य की विधानसभा का सामान्य चुनाव प्रति पाँच वर्षों में होता है। विधानसभा के सदस्यों को विधायक कहते हैं। अंग्रेजी में उन्हें एम.एल.ए. (मेम्बर्स ऑफ लेजिस्लेटिव असेम्बली) के रूप में पहचाना जाता है। एम.एल.ए. का निर्वाचन प्रत्यक्ष चुनाव से लोगों द्वारा होता है। विभिन्न राजनैतिक दल अपने प्रतिनिधियों को विधानसभा के चुनाव में अपने पक्ष के उम्मीदवार के रूप में खड़ा करते हैं। अपने मतविभाग में से बहुमत के आधार पर विधानसभा के सदस्य बनते हैं। जिस दल के सदस्य विधानसभा में बहुमत में हों, वह पक्ष अपनी सरकार बनाता है। विधानसभा के सदस्य लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

क्रिया-कलाप-

अपने विधानसभा क्षेत्र के विधायक का परिचय प्राप्त कीजिए। उसके संपर्क नम्बर और पता प्राप्त कीजिए।
अपने क्षेत्र के लोगों की समस्या जानिए और अपने क्षेत्र के विधायक को पत्र द्वारा जानकारी दीजिए।
बहुमति, शासक दल, विपक्ष, मिश्र सरकार, मतक्षेत्र आदि शब्दों के अर्थ जानें। कक्षा में इस पर चर्चा कीजिए।

समयावधि : विधानसभा स्थायी सदन नहीं है। इसकी कार्य अवधि पाँच वर्ष की है। इसका कार्यकाल पूरा होते ही विसर्जन होता है। कुछ असामान्य परिस्थितियों में संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार सरकार चल सके ऐसा न होने पर राज्यपाल की सिफारिश से राष्ट्रपति राज्य में ‘राष्ट्रपति शासन’ लादता है। इस दौरान राज्यपाल राज्य का प्रशासन संभालते हैं।

विधानसभा का संचालन सरल बने इसके लिए विधानसभा सदस्य अपने में से एक अध्यक्ष (स्पीकर) और उपाध्यक्ष (डेप्युटी स्पीकर) को चुनते हैं। विधानसभा में ही वित्तीय और सामान्य विधेयक पेश हो सकते हैं। विधेयक विविध चरणों में से गुजरकर राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाता है। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही विधेयक कानून बन जाता है।

कार्य :

  • वर्तमान कानूनों में सुधार करती है।
  • आवश्यकता पड़ने पर नये कानून बनाती है।
  • पुराने और अप्रस्तुत कानूनों को रद्द करती है।
  • बजट को मंजूर करती है।
  • कार्यपालिका पर नियंत्रण रखती है।

प्रश्नोत्तरी : विधानसभा में प्रश्नोत्तरी के समय किसी भी दल का विधायक निश्चित हुए विषय पर प्रश्न पूछ सकता है, सूचनाएँ दे सकता है, अपना मत और अभिप्राय दे सकता है। इसके बाद संबंधित विभाग का मंत्री प्रश्नों के उत्तर देता है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, इसकी स्पष्टता करता है। प्रश्नों (समस्याओं) के निराकरण के लिए सदन को विश्वास दिलाता है।

Class 7 Social Notes Chapter 16 राज्य सरकार 3

विधानसभा के अध्यक्ष के माध्यम से सदस्य, मंत्रियों या मुख्यमंत्री से प्रश्न पूछते हैं।

कार्यपालिका :

राज्य की कार्यपालिका राज्य सरकार का महत्त्वपूर्ण अंग है। राज्य की कार्यपालिका में राज्यपाल (गवर्नर), मुख्यमंत्री और मंत्रिमण्डल का समावेश होता है। मंत्रियों के नियंत्रण और मार्गदर्शन के अधीन कार्य करते प्रशासनिक अधिकारियों का भी समावेश कार्यपालिका में होता है। मंत्रिमण्डल को ‘राजनीतिक कार्यपालिका’ और प्रशासनिक अधिकारियों को ‘प्रशासनिक कार्यपालिका’ कहते हैं।

कार्यपालिका के कार्य

  • विधानसभा द्वारा निर्मित कानूनों को लागू करवाती है।
  • राज्य में कानून-व्यवस्था बनी रहे इसके लिए कार्य करती है।
  • राज्य की आर्थिक और सामाजिक समस्याओं को दूर करने का कार्य करती है।
  • राज्य के नागरिकों की गरीबी और बेकारी दूर करने हेतु आयोजन करती है।
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, संचार, बिजली आदि सेवाओं की व्यवस्था करती है।
  • समग्र राज्य का प्रशासन सरलता से चले, इसके लिए कार्य करती है। नागरिकों को जीवन की आवश्यक वस्तुएँ मिलती रहें, इस प्रकार की व्यवस्था करती है।
  • राज्य सरकार प्रजाकल्याण के कार्य करती है।

राज्यपाल (गवर्नर)

भारत के प्रत्येक राज्य में राज्यपाल होता है। वह राज्य का संवैधानिक अध्यक्ष होता है। वह राज्य की कार्यपालिका का भी अध्यक्ष होता है। जिसकी नियुक्ति देश का राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के परामर्श पर 5 वर्षों के लिए करता है। राज्य का पूरा शासन उसके नाम पर ही होता है। 35 वर्ष या उससे अधिक उम्र का भारतीय नागरिक राज्यपाल पद के लायक माना जाता है।

राज्यपाल के कार्य

  • राज्यपाल विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को मुख्यमंत्री पद पर नियुक्त करता है।
  • मुख्यमंत्री के परामर्श पर मंत्रिमण्डल के मंत्रियों की नियुक्ति करता है।
  • विधानसभा की बैठक बुलाता है और आवश्यकता पड़ने पर विधानसभा को भंग करने की भी सत्ता रखता है। राज्यपाल आवश्यकता पड़ने पर घोषणाएँ भी करता है।
  • राज्य के एड्वोकेट जनरल और राज्य के सार्वजनिक लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति करता है।
  • विधानसभा द्वारा पास किए गए विधेयक पर हस्ताक्षर करके उसे कानून का स्वरूप देता है।
  • वह तटस्थ और निष्पक्ष होकर राज्य के प्रशासन का ध्यान रखता है।

मुख्यमंत्री (चीफ मिनिस्टर)

राज्यपाल विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त करता है। राज्यपाल की अधिकांश सत्ताओं का उपयोग मुख्यमंत्री और मंत्रिमण्डल करता है। गुजरात के मुख्यमंत्री और उसके मंत्रिमण्डल का कार्यालय नया सचिवालय ‘स्वर्णिमभवन’, गांधीनगर में है। मंत्रिमण्डल में तीन स्तर के मंत्री होते हैं : (1) कैबिनेट कक्षा के मंत्री (2) राज्य कक्षा के मंत्री और (3) उपमंत्री।

मुख्यमंत्री के कार्य :

  • मंत्रिमण्डल की बैठक बुलाता है।
  • प्रत्येक मंत्री के कार्यों पर निगरानी रखता है।
  • आवश्यकता पड़ने पर मंत्रियों को मार्गदर्शन देता है।
  • मंत्रिमण्डल द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी राज्यपाल को देता है।
  • मंत्रिमण्डल के मंत्रियों को भिन्न-भिन्न विभागों का बँटवारा करता है।
  • विधानसभा में वित्तमंत्री से राज्य का बजट प्रस्तुत करवाता है। ।
  • राज्य के नागरिकों के कल्याण, सुविधा और विकास के लिए सतत कार्यशील रहता है।
  • वह सरकार की नीतियों का उद्घोषक, पथप्रदर्शक और कप्तान के रूप में भूमिका निभाता है।

क्रिया-कलाप

  • विधानसभा की यात्रा के लिए शैक्षणिक प्रवास का आयोजन कीजिए।
  • शालापंचायत और मंत्रिमण्डल की रचना कीजिए।
  • अपने विधानसभा मतक्षेत्र का मतविस्तार दर्शानेवाला नक्शा बनाइए।
  • अपने मतविस्तार में विधायक द्वारा किए गए कार्यों की सूची बनाइए।
  • दूरदर्शन पर प्रसारित विधानसभा की कार्यवाही के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।
  • राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्य जो समाचारपत्रों में समाचार के रूप में प्रकाशित हुए हों, उनकी कटिंग काटकर ‘स्क्रेपबुक’ बनाइए।
  • शिक्षक की मदद से मोक विधानसभा का आयोजन कीजिए।

राज्य सरकार के कार्य

भारत में समवायतंत्र की शासन व्यवस्था है अर्थात् केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के बीच कार्य का विभाजन किया गया है। राज्य सरकार का कार्यक्षेत्र अपने राज्य तक सीमित है। जबकि केन्द्र सरकार के कार्यक्षेत्र में सम्पूर्ण देश का समावेश हो जाता है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के बीच उनके कार्यों से संबंधित महत्त्वपूर्ण अंतर है। केन्द्र और राज्यों को सौंपे गए कार्य और सत्ताओं का विभाजन तीन सूचियों में किया गया है : (1) संघसूची (2) राज्यसूची (3) समवर्ती सूची।

Class 7 Social Notes Chapter 16 राज्य सरकार 4

  • लोकतंत्र में राज्य सरकार का मुख्य कार्य लोककल्याण करना है।
  • राज्य के लोगों की मूलभूत आवश्यकताएँ बिजली, पक्के मार्ग, पीने का शुद्ध पानी, स्वास्थ्य से संबंधित महत्त्वपूर्ण कार्य करती है।
  • सस्ते अनाज की दुकानों के माध्यम से खाद्यसामग्री का वितरण करती है।
  • बाढ़, अतिवृष्टि, अकाल, भूकंप, चक्रवात आदि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की सहायता करती है।
  • न्याय की व्यवस्था, परिवहन साधन, शिक्षण संस्थाएँ, अस्पताल आदि की सुविधाएँ उपलब्ध करवाती है।
  • राज्य में कानून, शांति और व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

राज्य का न्यायतंत्र

भारत के प्रत्येक राज्य में उच्च न्यायालय है। गुजरात के उच्च न्यायालय की स्थापना 1 मई, 1960 को हुई थी। गुजरात में उच्च न्यायालय अहमदाबाद में है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से करता है।

कार्य :

  • नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और देखभाल करना।
  • नागरिकों की अपीलों का समाधान करना।
  • दीवानी और फौजदारी दावों के निर्णयों के विरुद्ध अपीलें सुनना।
  • कानून-व्यवस्था की रक्षा करना।
  • उच्च न्यायालय, नजीरी अदालत (अभिलेख-न्यायालय – court of records) के रूप में कार्य करना।
  • सार्वजनिक हित की याचिकाओं का समाधान लाना।

Class 7 Social Notes Chapter 16 राज्य सरकार 5

इतना जानिए

  • उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राज्यपाल के समक्ष अपने कार्य के लिए प्रतिज्ञा लेते हैं।
  • उच्च न्यायालय में सामान्य रूप से वकील ही दलील करते हैं। आवश्यकता पड़ने पर ही आरोपी-फरियादी को बुलाया जाता है।
  • प्रत्येक जिले में फौजदारी अदालत होती है। चोरी, लूटफाट, मारपीट, खून, शारीरिक चोट या झगड़ों का विवाद फौजदारी मामला माना जाता है।
  • जमीन, मकान तथा सम्पत्ति का विवाद दीवानी मामला माना जाता है।
  • पुलिस को अपराध की प्रथम जानकारी मिले तब पुलिस स्टेशन में एफ.आइ.आर. (फर्स्ट इन्फर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज करती है।
  • अदालतों का भार कम करने के लिए राज्य में लोक अदालतें भी कार्यरत हैं।

स्वास्थ्य का अर्थ

स्वास्थ्य को तंदुरस्ती कहते हैं। स्वास्थ्य अर्थात् शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक क्षेमकुशलता (सुखकारी) की संपूर्ण अवस्था। स्वास्थ्य अर्थात् केवल रोग की अनुपस्थिति या शारीरिक दुर्बलता नहीं, स्वास्थ्य शारीरिक क्षेमकुशलता की सिद्धि है। व्यक्ति का पारिवारिक और सामाजिक जीवन उत्तम बने, इसके लिए सबसे पहले उसका स्वास्थ्य अच्छा होना महत्त्वपूर्ण है। तंदुरस्त मानवसंसाधन से ही राष्ट्रों का सर्वांगीण विकास संभव है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ

सार्वजनिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC), ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के उपकेन्द्र, बड़े शहरों में स्थित सिविल हॉस्पिटल्स, बालकों के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार के टीकाकरण कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान, पीने के शुद्ध पानी की प्राप्ति, पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम, परिवार कल्याण के कार्यक्रमों द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ राष्ट्र के नागरिकों को उपलब्ध करवाई जाती हैं। खाद्य पदार्थों में होनेवाली मिलावट पर अंकुश, नशीली दवाओं पर नियंत्रण, जानलेवा रोगों के सामने रक्षा और उनके निवारण के उपायों के कारण लोगों की सुख-सुविधा बढ़ती है। तात्कालिक उपचार सेवा के लिए 108 की सुविधा उपलब्ध है।

निजी स्वास्थ्य सेवाएँ

निजी अस्पताल, निजी दवाखाना और प्रशिक्षणी तथा सरकार मान्य निजी चिकित्सकों द्वारा नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। रोगों का निदान करती निजी लेबोरेटरी भी बड़ी संख्या में कार्यरत हैं। विविध रोगों के निदान और उपचार करनेवाली विशिष्ट प्रकार की निजी हॉस्पिटल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करती हैं।

स्वास्थ्य और राज्य सरकार

राज्य के नागरिकों को स्वास्थ्य विषयक सेवाएँ मिलती रहें इसके लिए राज्य सरकार विशेष आयोजन और खर्च करती है। राज्य सरकार निम्नानुसार कार्य करती है :

कार्य :

  • सस्ते अनाज की दुकानों द्वारा गरीबों को अनाज का वितरण करना
  • खसरा, छोटी चेचक, पोलियो आदि रोगों के नियंत्रण के लिए टीकाकरण करना
  • शराबबंदी, खाद्यपदार्थों में होनेवाली मिलावट पर नियंत्रण
  • तात्कालिक सेवाओं के लिए 108 की योजना ।
  • स्वच्छता अभियान और शौचालय योजना का संचालन
  • जनऔषधि केन्द्रों के माध्यम से सामान्य दवाओं (Generic drugs) का सस्ते दर पर वितरण
  • मलेरिया, पीलिया, कुष्ठ, अंधत्व, मधुमेह, क्षय, कैन्सर आदि पर नियंत्रण लाने हेतु स्वास्थ्य सेवाओं का आयोजन

स्वास्थ्य और सरकार

राष्ट्र के नागरिकों का स्वास्थ्य बना रहे इसके लिए आयोजन और संचालन राज्य सरकार और केन्द्र सरकार करती है।

स्वास्थ्य की योजनाएँ।

राज्य सरकार की योजनाएँ –

  • मुख्यमंत्री अमृतम् (माँ) योजना
  • शाला-स्वास्थ्य योजना
  • मिशन बलम् सुखम्
  • ममता सखी योजना
  • जननी सुरक्षा योजना
  • जननी शिशुसुरक्षा कार्यक्रम
  • चिरंजीवी योजना
  • बालसखा योजना
  • खिलखिलाट ड्रॉपबेक योजना

केन्द्र सरकार की योजनाएँ –

  • प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य योजना
  • राष्ट्रीय कुष्ठरोग निर्मूलन कार्यक्रम
  • प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान
  • पर्यावरण रक्षण के कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय परिवार योजना
  • अटल स्नेह योजना
  • शौचालय एवं स्वच्छता अभियान
  • आयुष्यमान भारत योजना-2018

खिलखिलाट ड्रोपबेक योजना

बालक का जन्म प्रत्येक परिवार में खुशी का अवसर है। स्वस्थ माता और स्वस्थ बालक घर वापस लौटें, यह परिवार के लिए हर्षोल्लास का प्रसंग है। इसीलिए अब सरकारी संस्था में माता और नवजात शिशु को प्रसूति के बाद पिरमिट सरकारी संस्थान में से घर छोड़ने हेतु ‘खिलखिलाट’ वाहन द्वारा नयी व्यवस्था की गई है।

यह ‘खिलखिलाट’ वाहन निश्चित सरकारी अस्पताल के पास है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रसूता माता को यह सेवा उपलब्ध करा सकते हैं।
अस्पताल से छुट्टी देने के बाद प्रसूता को ‘माता और बाल स्वास्थ्य’ के लिए स्वास्थ्य शिक्षण तथा सलाह दी जाती है। वाहन के अंदर भी सुरक्षित बाल देखरेख और टीकाकरण संदेश माता और उनके साथ जानेवाले परिवार के सदस्यों को वीडियो के माध्यम से दिया जाता है।

Class 7 Social Notes Chapter 16 राज्य सरकार 6

मुख्यमंत्री अमृतम् (माँ) योजना : गुजरात राज्य के सभी ग्राम्य तथा शहरी क्षेत्रों के गरीबी रेखा के नीचे जीनेवाले परिवार तथा जिस परिवार की वार्षिक आय ₹ 4 लाख या उससे कम हो ऐसे परिवार के (अधिकतम 5 व्यक्ति) सदस्यों का भी समावेश किया गया है। हृदय, मस्तिष्क, किडनी, कैन्सर, बर्न्स, नवजात शिशु के रोग और गंभीर चोट के लिए निश्चित पैकेजिस हैं। करारबद्ध हुए अस्पताल में डॉक्टरी उपचार मिलता है।

इतना जानें

आयुष्मान भारत योजना – 2018 (Ayushman Bharat Programme) (केन्द्र सरकार)
‘आयुष्मान भारत योजना’ अथवा ‘प्रधानमंत्री जनस्वास्थ्य योजना’ यह भारत सरकार की स्वास्थ्य योजना है, जो 1 अप्रैल, 2018 में संपूर्ण भारत में अमल में लाई गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों (बी.पी.एल. धारक) को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करवाना है। इस योजना के अंतर्गत आनेवाले प्रत्येक परिवार को पाँच लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध करवाया जाता है। दस करोड़ बी.पी.एल. परिवार (लगभग 50 करोड़ लोग) इस योजना का लाभ प्राप्त करेंगे। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय इस योजना का अमल करवाएगा।

आयुष्मान भारत योजना में दो बातें महत्त्वपूर्ण हैं :
(1) राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (2) कल्याण केन्द्र

जानने योग्य-

सिविल हॉस्पिटल

  • अहमदाबाद की सिविल हॉस्पिटल एशिया की सबसे बड़ी हॉस्पिटल है।
  • इस हॉस्पिटल की स्थापना ई.स. 1841 में हुई थी।
  • इस हॉस्पिटल में हृदय, किडनी, कैन्सर और अन्य गंभीर रोगों के उपचार के लिए उत्तम सुविधा उपलब्ध है।